Right Time To Eat.
खाना कब खाएं--
सुबह 10 से 11 बजे के बीच भोजन कर लेना चाहिए ताकि दिन भर कार्य करने के लिए ऊर्जा मिल सके।
दिन का भोजन शारीरिक मेहनत के अनुसार अच्छी मात्रा में लेकिन रात्रि-भोजन हल्का एवं सुपाच्य होना चाहिए।
रात्रि का भोजन, सोने से दो या तीन घंटे पहले करना चाहिए।
अच्छी तरह भूख लगने पर ही भोजन करना चाहिए।
नाश्ता हो या दोपहर और रात्रि का भोजन, नियत समय पर करने से ही पाचन अच्छा होता है।
खाना खाने का तरीका--
हाथ-पैर, मुंह धोकर व्यवस्थित रूप से बैठकर भोजन करें।
खड़े-खड़े या टहलते हुए भोजन नहीं करना चाहिए।
भोजन अच्छी तरह चबा-चबा कर करना चाहिए वरना दांतों का काम (पीसने का) आंतों को करना पड़ेगा, जिससे भोजन का पाचन सही नहीं हो पाएगा।
भोजन करते समय मौन रहना चाहिए। इससे भोजन में लार मिलने से भोजन का पाचन अच्छा होता है।
टीवी देखते या अखबार पढ़ते हुए खाना नहीं खाना चाहिए।
भोजन हमेशा शांत एवं प्रसन्नचित्त होकर घीरे-धीरे करना चाहिए।
क्या, कब और कैसे खाएं--
अगर आप अपने शरीर को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो भोजन से संबंधित इन महत्वपूर्ण बातों को भी ध्यान में रखें-
भोजन को कभी भी भूख से ज्यादा नहीं खाना चाहिए। इससे कई तरह के रोग हो सकते हैं।
इसलिए धीरे-धीरे चबाकर खाना चाहिए और भूख से थोड़ा कम यानी तीन-चौथाई पेट ही भोजन करना चाहिए।
भूख लगने पर पानी और प्यास लगने पर भोजन नहीं करना चाहिए, अन्यथा स्वास्थ्य को हानि पहुंचती है।
भोजन करने के बीच में प्यास लगने पर थोड़ा-थोड़ा करके पानी पीना चाहिए।
भोजन के तुरंत पहले या अंत में ज्यादा पानी नहीं पीना चाहिए।
जरूरी काम छोड़कर भी नियमित समय पर भोजन करें।
बासी, ठंडा, कच्चा, जला हुआ और दोबारा गर्म किया हुआ भोजन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी नहीं होता है।
भोजन पच जाने पर ही दूसरी बार भोजन करना चाहिए।
सुबह भोजन के बाद शाम को अगर अजीर्ण मालूम हो तो कुछ नर्म भोजन लिया जा सकता है।
परंतु रात्रि को भोजन के बाद सुबह अजीर्ण हो तो बिल्कुल भोजन नहीं करना चाहिए।
भोजन के तुरंत बाद सोना नहीं चाहिए।
सर्दी के दिनों में (जाड़े के मौसम में) भोजन से पूर्व थोड़ा सा अदरक और सेंधा नमक खाना चाहिए, जिससे पाचन शक्ति बढ़ जाती है।
भोजन सामग्री में कड़े पदार्थ पहले, नरम पदार्थ बीच में और पतले पदार्थ अंत में खाना चाहिए।
भोजन करते समय प्रारंभ में मीठे, बीच में नमकीन और अंत में कसैले पदार्थों को खाना चाहिए।
भोजन करने से पहले केला और ककड़ी नहीं खाना चाहिए।
भोजन में दूध, दही, छाछ का प्रयोग लाभकारी है।
भोजन करने के बाद न क्रोध करें, न तुरंत व्यायाम करें। इससे स्वास्थ्य को हानि पहुंचती है।
रात्रि के भोजन के पश्चात दूध पीना हितकर है।
भोजन के बाद क्या करें--
लंच के बाद टहलना और डिनर के बाद में सौ कदम टहलकर बाईं करवट लेटने या वज्रासन में बैठने से भोजन का पाचन अच्छा होता है।
भोजन के एक घंटे पश्चात मीठा दूध और फ्रूट्स लेने से भोजन का पाचन अच्छा होता है।
भोजन के बाद क्या न करें--
भोजन के तुरंत बाद पानी या चाय नहीं पीना चाहिए।
भोजन के पश्चात घुड़सवारी, दौड़ना, बैठना, लेटना, सोना नहीं चाहिए।
इनसे करें परहेज-
रात्रि को दही, सत्तू, तिल और गरिष्ठ भोजन नहीं करना चाहिए। दूध के साथ नमक, दही, खट्टे पदार्थ, मछली, कटहल का सेवन नहीं करना चाहिए। शहद और घी का समान मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए। दूध-खीर के साथ खिचड़ी नहीं खाना चाहिए।
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