Osho Rajneesh: The Untold Secrets

Опубликовано: 12 Июль 2026
на канале: Ashok Mann(SwamiAshokChaitanya)
2,167
55

Osho Rajneesh: The Untold Secrets #osho #कौन थे ओशो रजनीश जानें उनका सच #osho @SwamiAshokChaitanya
Delve into the untold secrets of Osho Rajneesh in this revealing video. Discover the mysteries behind the enigmatic figure known as Osho. #osho #mystery #spirituality
Osho Rajneesh: The Untold Secrets #osho #कौन थे ओशो रजनीश जानें उनका सच #osho @SwamiAshokChaitanya
Delve into the untold secrets of Osho Rajneesh in this enlightening video. Learn more about the mysterious life of Osho and uncover the truth behind the man. #osho #oshoRajneesh #oshoMystery
विश्व क का सबसे बड़ा हीरा ,
कोहिनूर हीरा भारत की शान था ।
भारत का गौरव ।भारत की गरिमा ,उसे विदेशियों ने चुरा लिया ,छुपा लिया, तोड़ फोड़ दिया टुकड़े कर दिए,
पता नहीं क्या कर दिया ,
लेकिन भारत की इस धूल भरी धरती ने ,
हमें एक और कोहिनूर हीरा दिया।
जिसका नाम है ओशो ।
इस कोहिनूर हीरे ने पूरे भारतवर्ष को, कोहिनूर हीरो से भर दिया ।
जहां देखो वहां ओशो के संयासी दिखाई देंगे ।
जहां देखो वहां ओशो का साहित्य दिखाई देगा ।
जहां देखो वहां ओशो के विचार दिखाई देंगे ।
जहां देखो वहां ओशो का सौंदर्य ।
जहां देखो वहां ओशो का संगीत।
जहां देखो वहां ओशो की सुगंध।
🙏
💃ओशो क्या कहते हैं,
ओशो कह क्या रहे हैं
जरा इस बात को तो देखो।
ओशो ने हमें नाचता हुआ धर्म दिया।
ओशो ने हमें गाता हुआ धर्म दिया।
ओशो ने हमें गुनगुनाता धर्म दिया।
ओशो ने हमें हंसता हुआ धर्म दिया।
ओशो ने हमें मस्ती में झूमता हुआ धर्म दिया ।
ओशो ने हमें संगीत की सुर लहरियों में बहता हुआ धर्म दिया ।
ओशो.....की क्या खता।
ओशो ,
हमें कह क्या रहे हैं।
मैं यही आपको बता रहा हूं
के ओशो कह क्या रहे हैं ।
ओशो यही कह रहे हैं कि
तुम नाचो
तुम हंसो
तुम खेलो ।
ओशो कह रहे हैं तुम्हारे पांव में घुंघरू बंध जाने चाहिए ।
तुम्हारे पांव थिरकने चाहिए ।
परमात्मा की पूरी प्रकृति नाच रही है, हंस रही है ,खिल रही है ।
सूरज को देखो
चांद को देखो
तारों को देखो
सितारों को देखो
पर्वतों को देखो
नदियों को देखो
पेड़ो को देखो
पौधों को देखो पशुओ देखो
पशुपक्षियों को देखो ।
पूरी प्रकृति नाच रही है ,
हंस रही है ,खील रही है ,
फिर यह मनुष्य को क्या हो गया ?
ओशो पूछ रहे हैं ,
इस मनुष्य को क्या हो गया ।
ये इतना उदास ,
ये इतना निराश ,
ये इतना हताश ,
इतना गमगीन ।
ओशो पूछ रहे हैं
ये इतना खोया खोया,
इतना उजड़ा उजड़ा,
इतना बर्बाद ,
इतना अशांत ,
क्यों दिखाई दे रहा है यह।
ओशो
हमें जीवन को
जीने की एक कला दे रहे हैं ।
ओशो
हमें जीवन का एक ढंग बता रहे हैं ।
एक रंग बता रहे हैं।
एक प्रकार बता रहे हैं ।
एक शैली बता रहे हैं।
ओशो
हमें किसी गलत मार्ग पर नहीं ले जा रहे हैं ।
ओशो ने हमें कोई भी गलत चीज नहीं दीया ,
गलत चीज नहीं दीया।
मैं आप को कह रहा हूं ,
अपने अनुभव के बल पर
एक बात आप लोगों को कह दूं
तो आप लोगों को समझ में आ जाएगा।
न तो मैं ओशो आश्रम का सन्यासी हूं
और ना ही ओशो आश्रम के सन्यासियों से
मेरा कोई खास परिचय है ।
सिर्फ विट्ठल जी से फोन पर बात हुई है।
मैंने ओशो को पढ़ा।
मैंने ओशो को जाना।
मैंने ओशो को पहचाना ।
मैंने ओशो की गहराइयां नापी ,
और मैंने ओशो के कदमों को देखा
की कैसे कदम रख रहे हैं ।
उसी के अनुभव पर मैं बोल रहा हूं ।
मुझे किसी का कोई डर नहीं है ।
कोई भय नहीं है ।
मुझे अपने जो विचार व्यक्त करने होंगे ,
मैं वह निर्भीकता से व्यक्त करूंगा।
ओशो अद्भुत है।
ओशो अनोखे है।
ओशो अद्वितीय है।
ओशो अलौकिक है
ओशो हिमाच्छादित हिमालय की तरह ऊंचाई रखते हैं।
ओशो प्रशांत महासागर की तरह गहराई रखते हैं।
ओशो एक विशाल वटवृक्ष की तरह है,
जिसका कोई भी और छोर नहीं है।
मैं अपने अनुभव के बल पर कह रहा हूं जो कि मैंने उनका पूरा साहित्य पढा है और मैंने देखा है ओशो जैसा संत ओशो जैसा सज्जन ओशो जैसा सत्पुरुष ओशो जैसा ज्ञानी ओशो जैसा गुणातीत
ओशो जैसा प्रज्ञा पुरुष
और ओशो जैसा सर्वतो मुखी प्रतिभा का धनी
और ओशो जैसा वक्ता
और ओशो जैसा लेखक
आप को ढूंढने पर भी नहीं मिलेगा
पृथ्वी के कौने कौने पर भी आप ढूंढने जाएंगे तो नहीं मिलेगा।
केवल आप से यही प्रार्थना है
के केवल सुनी सुनाई बातों पर
या लोगों की कही कहाई बातों पर
विश्वास मत करिए। आप आदि से लेकर अंत तक ओशो को पढ़े।
The Mysterious Life of Osho Rajneesh