Ghazal Yaad aate ho/ Hindi Urdu poetry@Readable1
घर आता हूँ तो याद आते हो
थक जाता हूँ तो याद आते हो
जीना तुम्हारी याद में मुश्किल
मर जाता हूँ तो याद आते हो
दुनियादारी में भूल जाता हूँ
पछताता हूँ तो याद आते हो
जलवा भी, पर्दा भी, तमाशा भी
डर जाता हूँ तो याद आते हो
जब अपने बारे में किसी को कुछ
बतलाता हूँ तो याद आते हो
तुम जाते हो तो भूल जाते हो
मैं जाता हूँ तो याद आते हो
कुछ पन्ने, थे जो राज़दाँ अपने
पलटाता हूँ तो याद आते हो
पीने जाता हूँ भूल जाने को
पी जाता हूँ तो याद आते हो