प्रकाश परावर्तन तथा अपवर्तन class 10 notes, Light Reflection and Refraction notes in Hindi class 10
10 Class Science Chapter 10 प्रकाश – परावर्तन तथा अपवर्तन notes in hindi
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Class 10 science Chapter 10 प्रकाश – परावर्तन तथा अपवर्तन Notes in hindi
प्रकाश :-.
🔹 प्रकाश ऊर्जा का एक रूप है , जिसकी मदद से हम किसी भी वस्तु को देख पाते हैं , प्रकाश कहलाता है ।.
प्रकाश के गुण :-.
प्रकाश सरल ( सीधी ) रेखाओं में गमन करता है ।.
प्रकाश विद्युत चुंबकीय तरंग है इसलिए इसे संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता नहीं पड़ती । .
प्रकाश अपारदर्शी वस्तुओं की तीक्ष्ण छाया बनाता है ।.
प्रकाश की चाल निर्वात में सबसे अधिक है : 3 × 10⁸ m/s .
प्रकाश का परावर्तन :-.
🔹 जब प्रकाश – किरण किसी माध्यम से चलती हुई किसी चमकदार तल पर आपतित होती है तो वह तल से टकरा कर उसी माध्यम में वापस लौट आती है । यह प्रकाश का परावर्तन कहलाता है । जैसे :- प्रकाश का किसी दर्पण से टकराकर वापिस उसी माध्यम में वापस लौटना ।
प्रकाश के परावर्तन के नियम :-.
🔹 प्रकाश के परावर्तन के निम्नलिखित दो नियम हैं :-.
🔶 प्रथम नियम :- तल के अभिलंब एवं आपतित किरण के बीच बना कोण तथा परावर्तित किरण एवं तल के अभिलंब के बीच बना कोण बराबर होते हैं , अर्थात्.
आपतन कोण = परावर्तन कोण
🔶 द्वितीय नियम :- आपतित किरण , अभिलंब तथा परावर्तित किरण सभी एक ही तल में होते हैं । इस प्रकार के तल को आपतन तल कहते हैं ।.
प्रतिबिंब :-.
🔹 प्रतिबिंब वहाँ बनता है जिस बिंदु पर कम से दो परावर्तित किरणें प्रतिच्छेदित होती हैं या प्रतिच्छेदित प्रतीत होती हैं ।.
प्रतिबिंब के प्रकार :-.
🔹 प्रतिबिम्ब की प्रकृति दो प्रकार का होता है :-.
वास्तविक प्रतिबिंब .
आभासी प्रतिबिंब.
समतल दर्पण द्वारा प्राप्त प्रतिबिंब :-.
आभासी एवं सीधा होता है । .
प्रतिबिंब का आकार वस्तु के आकार के बराबर होता है । .
प्रतिबिंब दर्पण के उतने पीछे बनता है जितनी वस्तु की दर्पण से दूरी होती है । .
प्रतिबिंब पार्श्व परिवर्तित होता है । .
पार्श्व उत्क्रमण :-.
🔹 जब हम अपना प्रतिबिंब समतल दर्पण में देखते हैं तो हमारा दायाँ हाथ प्रतिबिंब का बायाँ हाथ दिखाई पड़ता है तथा हमारा बायाँ हाथ प्रतिबिंब का दायाँ हाथ दिखाई पड़ता है इस प्रकार वस्तु के प्रतिबिंब में पार्श्व बदल जाते हैं । इस घटना को पार्श्व उत्क्रमण कहते हैं ।.
❇️ पार्श्व परिवर्तन :-.
🔹 इसमें वस्तु का दायां भाग बायां प्रतीत होता है और बायां भाग दायां ।.
❇️ गोलीय दर्पण :-.
🔹 ऐसे दर्पण जिनका परावर्तक पृष्ठ गोलीय है , गोलीय दर्पण कहलाते हैं ।.
❇️ गोलीय दर्पण के प्रकार :-.
🔹 गोलीय दर्पण दो प्रकार के होते हैं :-.
अवतल दर्पण.
उत्तल दर्पण.