Kaha Chhupa Baitha Hai Ab Tak Vah Sachha Insan, Khojte Jise Swayam Bhagwan

Опубликовано: 09 Май 2026
на канале: Ramavtar Patidar
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स्वार्थ ही ना सोचते रहें, परमार्थ का भी ध्यान रखें। अपने भीतर के मनुष्य को जाग्रत करें। यदि हम इंसान है तो हम में इंसानियत का भाव निश्चय ही होना चाहिए। जीवन उसी का सार्थक है, जो सदा परोपकार में प्रवृत्त रहता है। जीवन का अर्थ है एक ऐसी तत्परता जो यह निरंतर खोजती रहे कि कहां पर कुछ भलाई की जा सकती है।