तुम्हे याद तो है न
Hear Touching Love Story
तुम्हे ये तारीख याद है? ग़र नहीं भी है तो उदास न होना तुम। हम हैं न; सब याद रखने को, सालों पहले अचानक से तुम आयी थी। प्यार-व्यार कुछ सोचा नहीं था, लेकिन एक रोज हम साथ थे। तुम्हे याद है न जब हमने कहा था, तुमसे इश्क़ है हमें। ग़र नहीं भी है तो उदास न हो तुम।
सालों गुज़र गये तुम्हारे साथ और लगा था जैसे लम्हे की बात हो। इस एक तारीख में ही जब्त है वो सारा सफ़र। मालूम है तुम्हे; सालों पहले उस रोज जब स्टेशन पर तुम ट्रेन के भीतर थी और हम खिड़की पर। हाँ, तुम्हे कहना है कि हम वहाँ भीतर तुम्हारे साथ बैठ सकते थे
लेकिन फिर तुम्हारा हाथ छोड़ते भी कैसे, उस एक रोज तुम्हारे शहर को जाती ट्रेन की उस खिड़की पर बहते तुम्हारे आंसू और हमारी भीगती हथेली के बीच जो कुछ भी था, वही हमारा प्यार था। बहुत रोये थे उस रोज हम पर तुम्हे एहसास तक न होने दिया था और फिर तुम्हारी ट्रेन आगे बढ़ गयी और हम उसे देखते रहे थे दूर, बहुत दूर, तुम्हारा शहर को जाते हुये। ग़र तुम्हे याद नहीं भी है तो उदास न होना तुम।
देखो! ये रात, कितनी गहरी होती जा रही। तुम्हारे बाद ये रातें बेहद लम्बी हो गयी हैं। वह चाँद, जिसके नीचे बैठकर हम घंटो तुमसे बातें किया करते थें, वह चाँद भी अब पहले-सा नहीं लगता है। छोड़ो… जाने दो। तुम्हारे बाद हमने कहना बंद कर दिया है, किसी से कुछ नहीं कहा हमने… तुम्हारा चले जाना भी। भीतर सब भर-सा गया है, घुटन सी होती है अब।
जानते हैं, ये सवाल अब ग़ैरजरूरी है पर बताओ न, तुम्हारे जाने की कोई वज़ह! हाँ; अच्छे नहीं थे हम, मगर कि इतने बुरे तो न थे। तुम्हे गये अब अरसा हो चुका है मगर राह चलते अब भी लोग कर बैठते हैं तुम्हारा जिक्र… न जाने कैसे हमने मुस्कुराना सीख लिया है।
सुनो; हमने अब छोड़ दिया श्मशान की, मौत की बातें करना। हमारे सीने में अब बस तुम हो, एक काश की तरह… ये रात थम सी गयी है।
भूली तो नहीं हो न हम दोनों का साझा वादा, याद तो है न! ग़र नहीं भी है तो उदास मत होना। बस तुम लौटना एक रोज हमारी आखिरी सांसो से थोड़ा पहले और उलझा लेना हमारी ऊँगलियों में अपनी ऊँगलियों में ठीक पहली मुलाकात की तरह… फिर हमारी तरफ देखना और हँसकर कह देना “लो; पूरी हो गयी न, तुम्हारी लकीरें.तुम्हे याद तो है न, हमने मुस्कुराकर क्या कहा था! ग़र नहीं भी है तो उदास…
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