प्रेम रस गीता | Prem Ras Gita | कृष्ण-अर्जुन संवाद और भक्ति का संदेश

Опубликовано: 13 Сентябрь 2026
на канале: Kumkum Soni
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प्रेम रस गीता | Prem Ras Gita | कार्तिक मास का भजन | कृष्ण-अर्जुन संवाद और भक्ति का संदेश

Credits:
Singer - Kumkum Soni
Music - Indramani Sharma

Special Thanks to
Basanti Devi Periwal
Sushila Devi Mundhara
Sumitra Devi Soni

"इथ गोकुल उथ मथुरा नगरी” एक दिव्य भक्ति भजन है जो राधे कृष्णा और राम-सीता की पवित्र भक्ति को दर्शाता है। यह भजन भक्त के मन में भगवत गीता के उपदेश और प्रेम रस की भावना को समाहित करता है। गीत में अयोध्या, मथुरा, और गोकुल जैसे पवित्र स्थानों का वर्णन है, साथ ही कृष्ण और अर्जुन के महाभारत के युद्ध और गीता के उपदेशों को भी जीवंत किया गया है। इस भजन में तुलसीदास जी की भक्ति, हनुमान जी की सेवा भावना और राजा परीक्षित की मुक्ति की कथा भी सम्मिलित है।

इस भजन को सुनें और कार्तिक मास की भक्ति और आध्यात्मिकता को अपने जीवन में अपनाएं। इस वीडियो को लाइक करें, शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करें।

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Lyrics:

इथ गोकुल उथ मथुरा नगरी,
जहाँ देखु वहाँ राधे कृष्णा।

म्हारो मन बसे भागवत गीता,
म्हारो मन बसे प्रेम रस गीता।

सरयू के तीरे अयोध्या नगरी,
जहाँ देखु वहाँ राम और सीता।

तुलसीदास जी चन्दन घसत है,
तिलक करो रघु राम और सीता।

हनुमत बलियन चंवर ढुलावे,
हाथ में घोटो लाल लंगोटो।

दुर्बल देहि मिस कर सुतो,
क्यो सुतो रे नर सुख री नींद में।

उठ रे मनवा हरिगुण गायले,
भजन किया बिना खावे नर गोता।

कौरवा रो पांडवा रो युद्ध रच्यो है,
कुटुम्ब देख अर्जुन हुयो भयभीता।

कुटुम्ब मार हरी राज नहीं पायो,
अर्जुन कर रय्यौ मन में चिंता।

धनुष बाण धरणी पर धरियो,
अर्जुन बैठ गयो कर सिर नीचा।

कहे कृष्णा हरी सुण रे अर्जुन,
मोह त्याग दे सुणाऊ तने गीता।

विराट रूप अर्जुन ने दिखायो,
रूप देख अर्जुन घबरायो।

थारी रे माया रो सांवरा पार नहीं पायो,
सहाय करो रघु राम और सीता।

गोरे गोरे तन रो मनवा गरब न कीजे,
फुट जाये नर कांच का शीशा।

सुक देव मुनि जी कथा सुनाई,
राजा परीक्षित मुक्ति पाई।

भजन किया नर हुए रे न चेता,
भजन किया बिना खावे नर गोता।

“Ith Gokul Uth Mathura Nagari” is a divine devotional song that celebrates the sacred devotion to Radha-Krishna and Ram-Sita. This bhajan reflects the teachings of the Bhagavad Gita and embodies the essence of love and devotion. It takes listeners through the holy cities of Ayodhya, Mathura, and Gokul, while also portraying the profound interaction between Krishna and Arjuna during the Mahabharata, highlighting the teachings of the Gita. The song features Tulsidas Ji’s devotion, Hanuman Ji’s service, and the story of King Parikshit’s salvation.

Listen to this bhajan and embrace the spirituality and devotion of Kartik Maas. Don't forget to like, share, and subscribe to the channel for more divine songs.

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