25 दिसंबर 2000 को 'प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना' देश के अंदर लागू हुई। इसका उद्देश्य था कि इस देश के हर गांव को डामर की सड़क से जोड़ा जाए।
बीते 10 साल में भारत सरकार ने दो स्कीम निकाली- प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (फेज-2, फेज-3) - जिसकी गाइडलाइन कहती है कि मौजूदा सड़कों का चौड़ीकरण किया जाए, ताकि वो सड़कें MDR कैटेगरी में आ जाएं।
मेरा कहना है कि जब हम फेज-2, फेज-3 में ग्रामीण सड़कों के चौड़ीकरण का काम कर रहे थे तो फिर फेज-4 में इस काम को क्यों छोड़ दिया गया। अगर हम फेज-2, फेज-3 की गाइडलाइन को फेज-4 में लागू करते तो सड़कों से जुड़ी समस्याओं का समाधान हो जाता है ।
ऐसे में मेरा प्रश्न है कि क्या सरकार 'प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना' की गाइडलाइन में बदलाव लाकर गांवों को मल्टीपल कनेक्टिविटी से जोड़ने का प्रावधान रखती है?