विद्यालय एक अल्पसंख्यक विद्यालय है जिसकी स्थापना सन् 1969 में हुई। जहाँ मूल रूप से अनुशासन, समयवद्धता धर्मनिरपेक्ष एवं कर्तव्य परागणता की भावना से प्रेरित होकर हम सभी शिक्षण कार्य करते है विद्यालय एक परिवार की तरह संगठित है जहाँ सभी अध्यापिकाये एवं कर्मचारी गण अपने उत्तर दायित्यों का पालन करते है। शिक्षण - शिक्षा एक मनोयोग है की भावना से हम योग्यता के अनुरुप शिक्षा देते है। नारी शक्ति, नारी सम्मान की भावना को महत्व देते हुए बालिकाओं को सुदृढ़ एवं शक्तिशाली, स्वावलम्बी महिला के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। कड़ी मेहनत और उॅंचा ध्येय हमारी छात्राओं के लिये आगे बढ़ने की कुंजी है इसी को आधार मानकर शैक्षिक पंचाग बनाने का ढंग को सिखाया जाता है। छात्राओ में देशभक्ति, राष्ट्रीयता एवं प्रबुद्ध नागरिकता के गुणो को विकसित करने के लिये प्रेरित किया जा रहा है।
विद्यालय की वरिष्ठ अध्यापिका श्रीमती शीला त्रिपाठी को दिनांक 01/04/2019 को प्रबंध समिति द्वारा प्रधानाचार्य नियुक्त किया गया । यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि श्रीमती शीला त्रिपाठी का कार्यकाल अत्यन्त सराहनीय है। विद्यालय में छात्राए अनुशासित एवं समयबद्ध होकर पठन - पाठन कर रही है। उनकी संख्या प्रत्येक सत्र में बढ़ती जा रही है। विद्यालय का हाईस्कूल का परीक्षाफल 85% से 88% आ रहा है जो विद्यालय के लिए सराहनीय है। इसके अतिरिक्त छात्राओ में समस्त गुणो एवं आत्मनिर्भरता के गुणों को विकसित करने के लिये प्रयत्नशील है। स्वस्थ मानसिक एवं शारीरिक विकास शैक्षिक योग्यता एवं नारी शक्ति को पहचानने की भावना को विकसित किया जा रहा है। विद्यालय के लिए कड़ी मेहनत शुद्ध शैक्षणिक वातावरण को विकसित करने में प्रधानाचार्या का प्रयास सराहनीय एवं आचरण उत्तम है।