राष्ट्र सेविका समिति के प्रवेश वर्ग का शनिवार को पथ संचलन हुआ. राष्ट्र सेविका समिति की ओर से चलाए जा रहे प्रशिक्षण वर्ग को 13 दिन हो चुके हैं. इन दिनों में सभी शिक्षार्थियों ने बहुत कुछ सीखा. शारीरिक बल बढ़ाने के साथ ही मानसिक क्षमता स्थिरता को बढ़ाया है. अपनी मेधा, शक्ति, शौर्य को जागृत किया है.
आपको बता दें कि ज्येष्ठ माह की भीषण गर्मी में राष्ट्र सेविका समिति का 15 दिवसीय प्रवेश शिक्षा वर्ग सरस्वती कुंज निरालानगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर के प्रांगण में चल रहा है। इस वर्ग में सेविकाएं नि:युद्ध और दण्ड युद्ध का अभ्यास कर रही हैं। वर्ग में सेविकाएं शारीरिक व बौद्धिक प्रशिक्षण के साथ विभिन्न राष्ट्रीय सामाजिक व संगठनात्मक विषयों पर चर्चा,उद्बोधन व कार्यक्रमों से प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।
इस वर्ग में अवध व कानपुर प्रान्त की 150 सेविकाएं शिक्षार्थी के रूप में आवासीय शिविर में प्रशिक्षण ले रही हैं। वर्ग में प्रशिक्षण के लिए 18 प्रशिक्षित बहनें अपनी सेवाएं दे रही हैं। वहीं वर्ग संबंधी आपूर्ति से लेकर वर्ग स्थल की सुरक्षा,स्वच्छता व चिकित्सा समेत समस्त व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी बहनें ही संभाल रही हैं। वर्ग की अविध के दौरान वर्गाधिकारी सावित्री सिंह पूरे समय वहीं पर रहकर समस्त व्यवस्थाओं की निगरानी कर रही हैं।
वर्ग में सेविकाओं को प्रतिदिन डेढ़ घण्टे सुबह और डेढ़ घंटे शाम को संघ स्थान शारीरिक अभ्यास कराया जाता है। इस दौरान बहनों को लाठी चलाना,यस्टिका और नि:युद्ध सिखाया जाता है। इसके अलावा समता,खेल,घोष वादन,योगासन व प्राणायाम का अभ्यास कराया जाता है।
राष्ट्र सेविका समिति अवध प्रान्त की प्रान्त कार्यवाहिका यशोधरा आर्य ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि भीषण गर्मी के समय 15 दिन तक चलने वाले इस वर्ग को समिति का प्रवेश शिक्षा वर्ग कहते हैं। राष्ट्र सेविका समिति की कार्यकर्ता सेविकाओं का यह प्रशिक्षण प्रति वर्ष आयोजित होता है।