दिल भूत और भविष्य के बारे में कुछ नहीं जानता है यह केवल वर्तमान के बारे में ही जानता है, इसलिए दिल क
6 Great Mountain Towns to Visit in the Rockies!
bye bye bye
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The Scarlet Myzomela: Nature's Red Jewel
早稲田大学国際ファミリービジネス総合研究所:ファミリー企業の経営戦略シリーズ 理論編③
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अगर आप सच देखना चाहते हैं तो न सहमति और न ही असहमति में राय रखो।
अधिक से अधिक भोले, कम ज्ञानी और बच्चों की तरह बनो, क्योंकि जीवन को मजे के रूप में लीजिए क्योंकि वास्
कभी किसी चीज से मत भागो, उसे पूरी ईमानदारी से करो। फिर एक बिंदु आएगा, शिखर जहां और कुछ नहीं किया जा
जिंदगी एक ही बार मिलती है तो इसका पूरा आनंद क्यों न लें, निराशा से बाहर आएं और जिंदगी के हर एक पल को
अतीत का अनावश्यक रूप से बोझ न लें। आपके द्वारा पढ़े गए अध्यायों को बंद करते जाएं। बार बार वापस जाने
अधूरे ज्ञान के साथ कभी आगे न बढ़ें, ऐसा करने पर आपको लगेगा कि आप अज्ञानी हो और अंत तक अज्ञानी ही बने
आपका पूरा विचार अपने बारे में दूसरे से लिया गया उधार है। यह उन लोगों से उधार लिया गया है, जिन्हें अप
कोई आदमी चाहे लाखों चीजें जान ले, चाहे वह पूरे संसार को जान ले, मगर वह खुद को नहीं जानता है तो वह अज
श्रद्धा मूल्यवान है। पत्थर पर है या परमात्मा पर, यह गौण है। पत्थर पर भी हो सकती है और तब पत्थर भी पर
जीवन त्रासदी नहीं है, ये एक हास्य है। जिंदा रहने का मतलब है कि हास्य का बोध होना।
प्रेम की कोई भाषा नहीं होती है, प्रेम का फूल मौन में खिलता है। प्रेम संगीत है, प्रेम अंतर्नाद है और
यहां कोई भी आपके सपने को पूरा करने के लिए नहीं है। हर कोई यहां अपने भाग्य और हकीकत बनाने में लगा हुआ
मूर्ख व्यक्ति ही दूसरों पर हंसते हैं, बुद्धिमान खुद पर हंसते हैं।
“सावन का महीना आत्मशुद्धि और आत्मनिरीक्षण का महीना है। इस महीने में हमें अपने विचारों, शब्दों और कर्
“सावन का महीना प्रकृति का उत्सव है। बारिश की बूंदें धरती को सींचती हैं और नई जान डालती हैं। इस महीने
उपनिषद उपनिषद ग्रंथों का अंतिम भाग हैं। उपनिषदों में ईश्वर और आत्मा के स्वभाव का विस्तृत वर्णन किया
अथर्ववेद
जैन धर्म का साहित्य
ऋग्वेद
नासदासीन्नो सदासीत्तदानीं नासीद्रजो नो व्योमा परो यत् ।
महाभारत महाभारत की रचना ‘महर्षि वेद व्यास’ द्वारा की गयी है। यह एक काव्य ग्रन्थ है जिसे 18 भागों मे
पुराण पुराणों में सृष्टि, प्राचीन ऋषि मुनियों व राजाओं का वर्णन किया गया है। पुराणों की कुल संख्या
बौद्ध धर्म का साहित्य