जनता ने तो भगवान श्री राम जी मे भी कमी निकाल दी थी,तो फिर इन सन्तो,कथावाचको में कमी खोजना आम बात है

Опубликовано: 11 Июнь 2026
на канале: THE LIFE COACH
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जनता ने तो भगवान श्री राम जी मे भी कमी निकाल दी थी,तो फिर इन सन्तो,कथावाचको में कमी खोजना आम बात है !
सनातन धर्म के समस्त हिंदू समाज को संगठित करने वाले साधु, सन्तो ,कथवाचको की निन्दा करने से बचो, वो भी इंसान हैं , यदि कोई भूल उन से हो जाती है तो उनके द्वारा किये गये करोड़ो सद्कर्मो पर नजर डालो !
मिश्रा जी ने यदि कोई बात मन से कही हो तो उनकी गलती और यदि कहि से पढ़कर बोली हैं ओर वो धर्म संगत नहीं है तो उस धार्मिक काव्य, महाकाव्य,ग्रन्थ मे समस्त सनातनियों ,सन्त समाज को उस वृतान्त में सुधार व संसोधन कराना चाहिए ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी इन कुतर्को में ना फंसे !
मिश्रा जी व प्रेमानंद जी दोनो पूजनीय है ,दोनो का योगदान सनातन धर्म के जन जागरण में अमूल्य है !
हम आम हिन्दू जनमानस को आपस में विवाद फसाद करने से बचना चाहिए व विवाद की जड़ ढूंढकर उसको हमेशा के लिए खत्म करना चाहिए !
हिन्दू समाज हम हिंदुओ की है , साधु संत,कथावाचक हमारे है ,सबको साथ लेकर , सनातन की ध्वजा पताका बुलन्द करना लक्ष्य होना चाहिए हमारा, ना कि आपस मे लड़ना !

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