जगन्नाथपुरी रथयात्रा Jagannath Puri Rath Yatra 2018 History, Latest popular video || Mimedia ||

Опубликовано: 15 Июль 2026
на канале: MI Media Devotional News
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जगन्नाथ पूरी रथ यात्रा का इतिहास व कथा।
हिन्दु सनातन धर्म में आदि अनादि काल से लेकर आज तक भगवान श्री हरि विष्णु के लीला का बखान मिलता है, चाहे वो सतयुग मे भगवान श्री राम का अवतार हो या द्वापर युग में वृन्दावन की कृष्ण लीला। महाप्रभु तो हर छन अपने भक्तो पर करूणा बरसाते ही रहते है।
चलिये आज हम सभी मिलकर भगवान श्री हरि विष्णु के चार धामों में से प्रमुख जगन्नाथ पुरी धाम के प्राचिनता और महत्व के सम्बंध में विस्तार रूप से जानते हैं।
जगन्नाथ पुरी जी का प्रसिद्ध मंदिर, भारत वर्ष के प्राचीन शहरों में से एक पुरी जो उडीसा राज्य की राजधानी भुवनेश्वर से लगभग ६० किमी की दुरी पर स्थित है।
कहा जाता है कि श्री जगन्नथपुरी पहले नील माघव के नाम से पुजे जाते थे। जो भील के सरदार विश्वासु के आराध्य देव थे। अब से लगभग हजारों वर्ष पुर्व भील सरदार विष्वासु नील पर्वत की गुफा के अंदर नील माघव जी की पुजा किया करते थे ।
मालव देश के सूर्यवंशी राजा इंन्द्रदेव जो परम बैष्णव थे। उन्हे एक दिन एक बैष्णव सन्यासी ने आकर नील माघव के बारे मे बताया, राजा सन्यासी की बात सुन श्री नील माघव के दर्शन को व्याकुल हो उठे और अपने राज्य मंत्री को आदेश दिया की यहॉ के सभी श्रेष्ठ ब्राह्मणो को आमंत्रित कर नील माघव को ढूढने चारौ दिशाओ में भेज दिया जाये।
इन ब्राह्मणों में एक थे विद्यापति जो घूमते घूमते भीलो की बस्ती मे आ पहुंचे, यहॉ उनकी मुलाकात भीलों के सरदार विश्वासु की पुत्री ललिता से हुई । प्रभु की कृपा कुछ ऐसी हुई की विधापति और ललिता विवाह बंधन में बंध गये ।
कुछ दिन पश्च्यात विधापति को परेशान देख ललिता ने उनसे परेशानी का कारण पूछा, तब विधापति ने नील माघव के बारे मे
बताया, अवसर पाकर ललिता ने ये बात अपने पिता विश्वासु से कही । विश्वासु विधापति को नील माघव के दर्शन कराने


Singer Ajay Kapil, Vipul, Kavita kudwa, kishori
Music by - MiMedia
Keyboard Player - Narendra Ajnabi
Tabla Play- Satish Negi Satinder Singh
Pad Player Maheh Kumar "Titu"