अम्बे तू है जगदम्बे काली ~ Ambe Tu Hai Jagdambe Kali | Ambe Mata Aarti Anjali Jain | Mata Best Aarti

Опубликовано: 01 Октябрь 2026
на канале: Live Mata Bhajan Sonotek
436
13

अम्बे तू है जगदम्बे काली ~ Ambe Tu Hai Jagdambe Kali | Ambe Mata Aarti Anjali Jain | Mata Best Aarti
अम्बे तू है जगदम्बे काली ~ Ambe Tu Hai Jagdambe Kali | Ambe Mata Aarti Anjali Jain | Mata Best Aarti
अम्बे तू है जगदम्बे काली ~ Ambe Tu Hai Jagdambe Kali | Ambe Mata Aarti Anjali Jain | Mata Best Aarti
अम्बे तू है जगदम्बे काली ~ Ambe Tu Hai Jagdambe Kali | Ambe Mata Aarti Anjali Jain | Mata Best Aarti
अम्बे तू है जगदम्बे काली ~ Ambe Tu Hai Jagdambe Kali | Ambe Mata Aarti Anjali Jain | Mata Best Aarti


Titel :- अम्बे तू है जगदम्बे काली
Singer :- Anjali Jain
Lyrics :- Hansraj Railhan
Music :- Sonotek
Label :- Live Mata Bhajan Sonotek
Digital Work :- Aman Kapruwan & Wilson


अम्बे तू है जगदम्बे काली
#Ambe_Tu_Hai_Jagdambe_Kali
#Ambe_Mata_Aarti_Anjali_Jain
#Mata_Best_Aarti
Live Mata Bhajan Sonotek
@livematabhajansonotek604

Lyrics
अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली,
तेरे ही गुण गावें भारती,
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।
अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली,
तेरे ही गुण गावें भारती,
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।
तेरे भक्त जनो पर माता भीड़ पड़ी है भारी।
दानव दल पर टूट पडो माँ करके सिंह सवारी॥
तेरे भक्त जनो पर माता भीड़ पड़ी है भारी।
दानव दल पर टूट पडो माँ करके सिंह सवारी॥
सौ-सौ सिहों से बलशाली, है अष्ट भुजाओं वाली,
दुष्टों को तू ही ललकारती।
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥
अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली,
तेरे ही गुण गावें भारती,
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।
माँ-बेटे का है इस जग मे बडा ही निर्मल नाता।
पूत-कपूत सुने है पर ना माता सुनी कुमाता॥
माँ-बेटे का है इस जग मे बडा ही निर्मल नाता।
पूत-कपूत सुने है पर ना माता सुनी कुमाता॥
सब पे करूणा दर्शाने वाली, अमृत बरसाने वाली,
दुखियों के दुखडे निवारती।
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥
अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली,
तेरे ही गुण गावें भारती,
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।
नहीं मांगते धन और दौलत, न चांदी न सोना।
हम तो मांगें तेरे मन में छोटा सा कोना॥
नहीं मांगते धन और दौलत, न चांदी न सोना।
हम तो मांगें तेरे मन में छोटा सा कोना॥
सबकी बिगड़ी बनाने वाली, लाज बचाने वाली,
सतियों के सत को सवांरती।
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥
अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली,
तेरे ही गुण गावें भारती,
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।
चरण शरण में खड़े तुम्हारी, ले पूजा की थाली।
वरद हस्त सर पर रख दो माँ संकट हरने वाली॥
चरण शरण में खड़े तुम्हारी, ले पूजा की थाली।
वरद हस्त सर पर रख दो माँ संकट हरने वाली॥
माँ भर दो भक्ति रस प्याली, अष्ट भुजाओं वाली,
भक्तों के कारज तू ही सारती।। ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली,
तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।