मगध साम्राज्य के महान शासक मौर्य वंश के सम्राट अशोक ने अपने जीबन में ३६ (36) वर्षों तक अपने साम्राज्य को कुशल तरीके से संचालित किया था। अशोक के शासनकाल में ही पाटलिपुत्र में तृतीय बौद्ध संगीति का आयोजन किया गया था। और, इस संगीति में 'अभिधम्मपिटक' की रचना भी हुई थी।