वियना की कांग्रेस (Vienna Congress)
वियना की कांग्रेस- यूरोपीय देशों के राजदूतों का एक सम्मेलन था,
जो सितंबर 1814 से जून 1815 को वियना में आयोजित किया गया था।
इसकी अध्यक्षता ऑस्ट्रियाई राजनेता मेटरनिख ने की।
नैपोलियन को वाटरलू की पराजय के पश्चात् सेंट हेलेना द्वीप निर्वासित कर दिया गया,
तत्पश्चात् आस्ट्रिया की राजधानी वियना में यूरोप की विजयी शक्तियां 1815 में एकत्रित हुई। उद्देश्य था, यूरोप के उस मानचित्र को पुनर्व्यवस्थित करना जिसे नेपोलियन ने अपने युद्ध और विजयों से उलट-पटल दिया था।
वस्तुतः आस्ट्रिया के चांसलर मेटरनिख ने नेपोलियन के विरूद्ध मोर्चा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, इसीलिए उसकी पहल पर आस्ट्रिया की राजधानी वियना में कांगे्रस बुलाई गई थी
इस सम्मेलन में यूरोप के कई छोटे-छोटे देश शामिल हुए किन्तु नीति निर्माण के संबंध में चार मुख्य देशों के प्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही । ये नेता थे
आस्ट्रिया का चांसलर मेटरनिक
रूस का जार एलेक्जेंडर
इंग्लैंड का विदेश मंत्री लॉर्ड कैसलरे
फ्रांसीसी विदेश मंत्री तैलरा