VARANASI FLOOD 2021 | VARANASI GANGA RIVER TODAY NEWS | FLOOD IN VARANASI|वाराणसी में गंगा का जलस्तर
The difficulties of Kashi are now increasing due to the fierce form of the life-giving Ganga, and the current of the Ganges, which has gone far beyond the Ghats, is now flowing within the city, on the roads.
Today, in this video, we will give you a live overview of the floods in almost all the areas of Varanasi from Rajghat Khidkiyaghat to Samneghat and Dashashwamedhghat to Shastri Ghat and the surrounding areas.
जीवनदायिनी गंगा के रौद्ररूप से काशी की कठिनाईयाँ अब बढ़ने लगी हैं और घाटों से काफी आगे निकल चुकी गंगा की धारा अब शहर के भीतर, सड़कों पर प्रवाहित हो रही है।
आज हम आपको इस वीडियो में वाराणसी के लगभग सभी क्षेत्र राजघाट खिड़कीयाघाट से लेकर सामनेघाट तथा दशाश्वमेधघाट से लेकर शास्त्री घाट व आसपास में आए बाढ़ का साक्षात अवलोकन कराएंगे।
वाराणसी में गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं तथा गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ाव जारी है। स्थिति यह है कि अब पानी शहर की ओर बढ़ता जा रहा है।
मध्य प्रदेश और राजस्थान में नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण से ही बनारस में भी गंगा में बढ़ाव जारी है।
इससे कई स्थानों पर आवागमन बाधित है तो कई स्थानों पर कालोनियों में पानी भरने के कारण से लोग घर छोड़कर दूसरे स्थानों पर रहने को विवश हैं। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार गंगा इस समय खतरे के निशान 71.26 से लगभग 1 मीटर ऊपर बह रही है। आने वाले समय में जलस्तर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
बता दें की वाराणसी में गंगा नदी के बाढ़ के कारण से जहाँ एक ओर अस्सी घाट के पास चौराहे तक पानी आ गया है तथा आने के साथ ही सामनेघाट इलाके में भी सड़क किनारे की कालोनियां पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। तो वहीं दूसरी ओर गंगा के साथ ही वरुणा नदी में भी जलस्तर ऊँचाई पर होने से वरुणा का जलस्तर इतना ऊपर आ गया की वरूणा कॉरिडोर तो छोडीए लग तो ऐसा रहा है कि वरूणा कॉरिडोर पर लगे बिजली के खंभे भी डूबने वाले हैं।
जानकारी के लिए बता दें वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु है 70.262 मीटर पर तथा उससे 1 मीटर ऊपर खतरे का निशान 71.262 मीटर पर है तथा अबतक का उच्चतम स्तर 1978 में 73.90 मीटर था इसके पश्चात वर्ष 2013 में 72.63 मीटर तक था।
बता दें की वाराणसी में बाढ़ राहत के लिये 21 चौकियां बनायी गयी हैं। इन शिविरों में लगभग 3000 लोगों को रखा गया है। प्रशासन के अनुसार वारणसी में कुल 58 बाढ़ प्रभावित गांव, मोहल्ला व वार्ड हैं। वाराणसी में बाढ़ प्रभावित लोगों की संख्या 31921 हैं। किन्तु बाढ़ राहत केंद्र/आश्रय स्थलोँ पर कम ही बाढ़ पीड़ित लोग विस्थापित हैं। इसके अतिरिक्त बाढ़ क्षेत्रों में रह रहे लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाने तथा बाढ़ पीड़ितों की सहायता व बाढ़ क्षेत्र में निगरानी करने के लिए कुल 85 नावों को संचालित किया जा रहा है।
बता दें की वर्तमान में वाराणसी शहर में गंगा के कारण सभी काशी के सभी 84 घाट पानी में पूरी तरह से डूब चुके हैं। इसके अतिरिक्त सामनेघाट, मारुती नगर, अस्सी नगवा आदि क्षेत्रों में पानी नयी बनी कॉलोनियों में पहुंच चुका है। वहीं गंगा की सहायक वरुणा नदी के किनारे के शहरी इलाकों में सरैया, कोनिया, ढेलवरिया, पैगम्बरपुर, हुकुलगंज, नई बस्ती, चौकाघाट आदि क्षेत्रों में पानी पहुंच गया है।
जनपद में सूखा राशन किट का वितरण निरंतर किया जा रहा है। बाढ़ राहत क्षेत्रों में रहे लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाने तथा बाढ़ पीड़ितों की सहायता के साथ ही बाढ़ क्षेत्र में निगरानी करने के लिए कुल 31 मोटर बोट, 39 मझौली, 15 छोटी सहित कुल 85 नावों को संचालित किया जा रहा है।
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