#shreehaldi #imcbusiness
हल्दी का सबसे अहम तत्त्व करक्यूमिन होता है जो सबसे अधिक उपयोगी है। हल्दी में लगभग 2% करक्यूमिन पाया जाता है। यानि 1 किलो हल्दी में 20 ग्राम करक्यूमिन होता है। इसके सेवन से रक्तषोधित होता है और षरीर में मौजूद विषैले तत्त्व बाहर निकल जाते हैं। श्री हल्दी की 4 बूंदों को 100 मि.ली. पानी या दूध में मिलाकर प्रत्येक व्यक्ति को दिन में दो बार सेवन करना चाहिए।
यह सर्दी, जुकाम और कफ की समस्या में अत्यन्त लाभकारी है।
हृदय संबंधी बीमारियों जैसे कोलेस्ट्रॉल, हार्ट अटैक आदि के खतरे को कम करने में सहायक है।
कैंसर जैसी भयानक बीमारी में भी यह लाभकारी है। मधुमेह को कंट्रोल करने में लाभकारी है।
इसका सेवन हमारे चेहरे की सुंदरता को बढ़ाता है और त्वचा संबंधी रोगों में एवं झुर्रियों को रोकने में लाभकारी है।
रात को सोने से पहले इसके सेवन से नींद अच्छी आती है।
सुबह खाली पेट इसका सेवन मोटापे को कम करने में सहायक है। यह पेट संबंधी समस्या जैसे अपच, पेट गैस, पेट में दर्द इत्यादि में लाभकारी है।
मुंह में छाले होने पर गुनगुने पानी में दो बूंदें ड़ालकर कुल्ला करने से आराम मिलता है।
इसके सेवन से मासिक दिनों में होने वाले दर्द में राहत मिलती है। यह गठिया के रोग, लीवर संबंधी रोगों और दमा के मरीजों के लिये लाभकारी है।
इसकी एक बूंद रोजाना टूथ पेस्ट में मिलाकर दांत साफ करने से दांतो के रोगों से मुक्ति मिलेगी और दांत सफेद व मजबूत बनेंगे।
इसका सेवन हड्डियो को मजबूत बनाने में सहायक है।
श्री हल्दी की 4 बूंदों को 100 मि.ली. पानी या दूध में मिलाकर प्रत्येक व्यक्ति को दिन में दो बार सेवन करना चाहिए।