Ramayan Chaupai | Mangal Bhawan Amangal Haari | Shree Ram Bhajan | मंगल भवन अमंगल हारी

Опубликовано: 27 Май 2026
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Jai Shri Ram!
जय श्री राम

रामायण चौपाइयां

मंगल भवन अमंगल हारी
द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ॥

होइहि सोइ जो राम रचि राखा।
को करि तर्क बढ़ावै साखा॥

धीरज धरम मित्र अरु नारी
आपद काल परखिये चारी ॥

जेहिके जेहि पर सत्य सनेहू
सो तेहि मिलय न कछु सन्देहू ॥

जाकी रही भावना जैसी
प्रभु मूरति देखी तिन तैसी ॥

हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता
कहहि सुनहि बहुविधि सब संता ॥

रघुकुल रीत सदा चली आई
प्राण जाए पर वचन न जाई ॥