• तनाव और चिंता के लिए योग | Yoga For Stress...
तनाव और चिंता के लिए योग | Yoga For Stress And Anxiety | सात्विक जीवन | तिलक प्रस्तुति🙏
हरि ॐ।
सात्विक जीवन में आपका स्वागत है
सूक्ष्म व्यायाम अभ्यास सिर से पैर तक किया जाता है जैसे की गर्दन, कंधे, धड़, घुटने और टखने:
गर्दन के लिए सूक्ष्म व्यायाम।
सीधे खड़े हो जाये या दण्डासन में बैठ जाए, गेहरी सांस ले और सांस छोड़ते हुए गर्दन को धीरे से आगे की ओर झुकाते हुए अपनी ठोड़ी को छाती तक ले जाएं। एक - दो सेकंड तक इसी स्तिथि में रहे, आपको गर्दन के पिछले हिस्से में खिचाव का अनुभव होगा।, अब सांस लेते हुए गर्दन को धीरे से पीछे पीठ की ओर ले जाएं । और 1-2 सेकंड आसन को बनाए रखें। ऐसा 8-10 बार दोहराये।
अब फिर से सामान्य स्तिथि में आये और सांस लेते हुए गर्दन को दाएं कंधे की ओर घुमाये, 1-2 सेकंड आसन में ठेहरे और फिर सांस छोड़ते हुए सामन्य स्तिथि में आ जाये, अब फिर से सांस लेते हुए गर्दन को बाएं कंधे की ओर घुमाये, आसन को बनाए रखें और फिर सांस छोड़ते हुए सामन्य स्तिथि में आ जाये । ऐसा 8-10 बार दोहराये।
कन्धों के लिए सूक्ष्म व्यायाम:
सीधे खड़े हो जाएं और दोनों कोहनियो को जोड़ कर सीने के सामने की ओर रखे और अब उँगलियों को अपने कन्धों पर रखे, धीरे से सांस लेते हुए कोहनियों को सामने से ऊपर की ओर घुमाते हुए, सिर के पीछे की तरफ ले जाये, ध्यान रखे उंगलियां अपनी जगह पे बनी रहेंगी, अब सांस छोड़ते हुए कोहनियों को पीछे से नीचे घुमाते हुए सामने की ओर ले आये। ऐसा हमें 8-10 बार करना है। अब इसके विपरीत दिशा में घुमाएंगे, धीरे से सांस लेते हुए कोहनियों को सामने से नीचे की ओर घुमाते हुए, सिर के पीछे की तरफ ले जाये,और सांस छोड़ते हुए पीछे से सामने की ओर ले आये, इसे भी 8-10 बार दोहराये।
पंजे एवं एड़ी के लिए सूक्ष्म व्यायाम:
दंडासन में बैठकर पैरों के अंगुठे और अंगुलियों को आगे और फिर पीछे की ओर धीरे-धीरे बलपूर्वक दबाएं। एड़ियां स्थिर रखें। फिर पूरे पंजे को एड़ी सहित आगे एवं पीछे दबाएं। आगे पीछे दबाते हुए एड़ी का जमीन पर घर्षण यानि Friction होगा। यह अभ्यास साईटिका के दर्द मे लाभकारी तथा घुटनों के लिए उपयोगी है। इस अभ्यास को 8-10 बार करें।
दोनों पैरों को थोड़ी दूरी पर रखें। फिर पहले दाहिने पैर की एड़ी को स्थिर रखते हुए पंजे को दाएं से बाईं दिशा में गोलाकर घुमाएं। फिर बाएं से दाहिने घुमाएं। इस अभ्यास को 8-10 बार दोहराएं। इसी प्रकार दूसरे पैर से अभ्यास करें और फिर दोनों पैरों को मिलाकर एक साथ करें। दोनों योगाभ्यास के दौरान हाथ की हथेलियां भूमि पर ही कमर से सटाते हुए जमाएं रखें।
घुटने एवं नितंब: के लिए सूक्ष्म व्यायाम:
दाएं पैर को मोड़कर बाईं जंघा पर रखें, बाएं हाथ से दाहिने पंजे को पकड़े तथा दाएं हाथ को दाएं घुटने पर रखें। अब दाएं हाथ को दाएं घुटने के नीचे लगाते हुए घुटने को ऊपर उठाकर छाती से लगाए तथा घुटने को दबाते हुए जमीन पर टिका दें। इस तरह ऊपर और नीचे 8-10 बार करें। इसी प्रकार इस अभ्यास को विपरीत बाएं पैर को मोड़कर दाएं जंघा पर रखकर पहले के समान करें।
अंत में दोनों हाथों से पंजों को पकड़कर घुटनों को भूमि पर स्पर्श कराएं और ऊपर उठाएं। इस प्रकार कई बार इसे दौहराएं । नितम्ब के जोड़ को स्वस्थ करने के लिए तथा वहां बढ़ी चर्बी को कम करने के लिए यह अभ्यास किया जाता है। इससे पद्मासन करने में भी सरलता होगी।
सूक्ष्म व्यायाम का अर्थ:
ये हमारी मासपेशियो और जोड़ो को चिकना करने मै मदात करता है और आगे चल कर हमारे योग प्रवाह के आसान को लचीला बनता है और चोट लगाने की संभावना को काम करता है।
हम आशा करते है के, आप सूक्ष्म व्यायाम को अपने नियमित व्यायाम में सम्मिलित करेंगे, और इससे होने वाले लाभ को कमैंट्स के द्वारा हम से सांझा करेंगे
स्वस्थ रहें प्रसन्न रहें। दिव्य शक्ति की कृपा हम सब पर बनी रहे। हरी ॐ तत् सत्।
श्रेय:
योगा शिक्षक: शिवाली चटर्जी
Disclaimer: यहाँ मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहाँ यह बताना जरूरी है कि तिलक किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
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