जरूरतमंदो से नोटरी के नाम पर चौरई तहसील में चल रही मनमानी वसूली

Опубликовано: 16 Июль 2026
на канале: SR live
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🛑 जरूरतमंदों से नोटरी के नाम पर चौरई तहसील में चल रही मनमानी वसूली‼️

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‼️✍️संजय राय समाजिक एवं आरटीआई कार्यकर्ता मीडिया रिपोटर चौरई ‼️

👉🏿👨🏾‍🎓 चौरई क्षेत्र की जनता से नियमों के विरुद्घ मनमाने ढंग से पैसे वसूले जा रहे हैं और लिए गए रुपयों की लोगों को रसीद भी नहीं दी जा रही। नोटरी करने आए लोगों से खाली रसीद पर दस्तखत करा लिया जाता है। अगर कोई भी व्यक्ति इसका विरोध करता है तो उसे धमकी दी जाती है। चौरई तहसील के अंतर्गत लगभग 210 गांव के सभी ग्रामीण, किसान और अध्ययनरत छात्र-छात्राएं नोटरी कराने चौरई मुख्यालय में ही आते हैं और उन्हें एसडीएम कार्यालय के सामने ही बैठकर अधिवक्ता द्वारा मनमाने रेट पर नोटरी कराई जाती है❗

🛑 नोटरी के लिए वास्तविक शुल्कों को कोई मापदंड (रेटलिस्ट) नही 🛑

👉🏿 अलग-अलग दस्तावेजों की नोटरी के लिए शासन की तरफ से अलग-अलग राशि निर्धारित की गई है लेकिन इसके लिए नोटरी परिसर में किसी प्रकार की रेट लिस्ट नहीं लगाई गई है ताकि कोई भी आम व्यक्ति ज्यादा सवाल जबाब ना कर सके। नियमानुसार किसी भी व्यक्ति के शपथ पत्र को प्रमाणित करने के लिए अधिकतम 30 रुपए व दस्तावेजों के प्रमाणीकरण के लिए 50 रुपए ऐसे दस्तावेज जिनका मूल्य 10 हजार से अधिक व 25 हजार से अधिक ना हो तो 100 रुपए, दस्तावेज (लिखित) का मूल्य 25 हजार से अधिक किन्तु 50 हजार से अधिक नहीं तो 150 रुपए, यदि लिखित (दस्तावेज) 50 हजार से अधिक है तो 200 रुपए लेकिन यह सभी दस्तावेजों के लिए बगैर रसीद दिए दो-दो सौ तक आम जनता से वसूले जा रहै हैं। इससे आम व्यक्ति अपने आप को ठगा व असहाय महसूस कर रहा है❗

👉🏿आलम यह है की यहाँ पर कौन व्यक्ति किस बात के लिए शपथ पत्र या ठेकानाम लिखवा रहा है या कौन व्यक्ति गवाह में हस्ताक्षर कर रहा है। इससे इन्हें कोई लेना-देना नहीं रहता है। ना ही उनसे पहचान संबंधित कोई जानकारी ली जाती है और न उसके दस्तावेजो का परीक्षण किया जाता है। नोटरी अधिवक्ता द्वारा फसल पंजीयन एवं अन्य कार्यो के लिए आए क्षेत्र के आम किसानों से दो-दो सौ रुपए मांगे जा रहे है। उन्हें किसी प्रकार की रसीद नहीं दी जा रही है❗

🛑👉🏿 ऐसा ही एक मामला चौरई तहसील में सामने आया जहाँ एक मुख्तयार नामा की नोटरी के लिए एक किसान से 2000/- रूपये ले लिए गए जिसमें स्टाम्प शुल्क के अलावा नोटरी के लिए वकायदा 860/- रुपये भी वसूल कर लिए, नोटरीकर्ता की मांग तो ओर अधिक की थी लेकिन किसान द्वारा मोलभाव के बाद बात 860/- रुपयों में तय की गई, तरह सीधे साधे लोगो से चौरई तहसील में नोटरी के नाम पर जरूरतमंदों से मनमानी लूट मची हुई हैं‼️