यह आसान लगाने में सरल है किन्तु शारीरिक संतुलन की आवश्यकता होती है। शारीरिक संतुलन के लिए प्रतिदिन अभ्यास की आवश्यकता होती है पहले थोड़ा शिथिलीकरण व्यायाम करने के पश्चात् शुरू करें। पहले दोनों पैरों पर सीधे खड़े होकर ताड़ासन लगाएं फिर सीधे खड़े रहकर ही प्रणाम मुद्रा में आए। अब ऐसी तरह सीधे खड़े रहकर एक पैर को उठाकर दूसरे पैर के घुटने से ऊपर स्थापित करलें। ध्यान को एकाग्र करते हुए शरीर का संतुलन बनाने का प्रयास करें। जितने समय तक दाएं पैर पर यह आसान लगा रहे हैं लगभग उतने ही समय तक बाये पैर पर भी यह आसान लगाएं। अपनी शारीरिक एवं मानसिक क्षमता के अनुसार प्रतिदिन थोड़ा -थोड़ा समय बढ़ाते जाए।
सावधानी - सिर दर्द , मानसिक परेशानी, उच्च एवं निम्न रक्तचाप की स्थिति में यह आसान न लगाएं।
लाभ - यह आसान जितना सरल है उससे अधिक इसके लाभ हैं -
1- पैर के पंजों, एड़िओं ,पिंडलिओं टखनों,जंघाओं एवं मेरुदंड को मजबूती प्रदान करता है।
2-शारीरिक एवं मानसिक संतुलन बढ़ाता है।
3- मानसिक उथल पुथल दूर कर एकाग्रता एवं आत्मविश्वास बढ़ाता है।
4- विद्यार्थिओं एवं जो शारीरिक की अपेक्षा मानसिक श्रम अधिक करते हैं उनके लिए अत्यंत उपयोगी है।