Spiritedness | जल में रह कर भी मछली प्यासी रह गई | Harshvardhan Jain | 7690030010

Опубликовано: 02 Июнь 2026
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Habits are hard to form, but once you develop the best habits, no one can stop you from having the best future.

मनुष्य जन्मजात शेर होता है, लेकिन धीरे-धीरे उसका माहौल उसे भेड़ बना देता है। मनुष्य का स्वभाव शेर के समान हार मानने वाला नहीं है, लेकिन परिस्थितियाँ उसे हाथी के समान पतली रस्सी से बांधकर रखती हैं। मनुष्य जो चाहे वो कर सकता है। मनुष्य किसी भी सीमा में बंधकर नहीं रह सकता, लेकिन परंपरागत मानसिकता की डोर उसे बांधकर रखती है। आत्मा किसी भी बंधन को स्वीकार नहीं करती है, लेकिन शरीर का बंधन उसे वो करने से रोकता है, जो वह करना चाहती है। आत्मा अपना पूर्व निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के लिए आती है, सीखने के लिए आती है और आध्यात्मिकता में विलीन होने के लिए आती है; परन्तु मनुष्य का शरीर शक्तिशाली होकर भी निर्बल सा व्यवहार करता है। मनुष्य पक्षी की तरह उड़ान भरने की संभावनाएं खोजता है, लेकिन परिस्थितियाँ उसे जमीन पर रेंगने के लिए विवश कर देती हैं। बहुत कम लोग ही इन परिस्थितियों के जाल को तोड़ पाते हैं।

परंतु कुछ लोग खराब परिस्थितियों के बावजूद बंधन स्वीकार करने से इनकार कर देते हैं। उन्हें तो सिर्फ खुला आसमान दिखाई देता है, शांत ब्रह्मांड दिखाई देता है और अपने सपनों की झलक दिखाई देती है। जिस प्रकार जंगल में शेर घूमता है, उसी प्रकार यह लोग भी शेर के समान जीवन जीते हैं। परिस्थितियाँ इन्हें चाहे जितना झुकाने का प्रयास करें, लेकिन यह लोग झुकने से इनकार कर देते हैं, टूटने से इनकार कर देते हैं और बार-बार गिरकर भी उठने की संभावनाओं पर नजर टिकाने वाले लोग एक दिन ऊंची उड़ान जरुर भरते हैं और आसमान का सीना चीरकर अनंत को जीत लेते हैं। समय और परिस्थितियाँ उनके हाथों की कठपुतली बन जाती हैं। वे जब चाहें, जैसा चाहें समय को अपनी उंगलियों पर नचाने का सामर्थ्य रखते हैं। इसीलिए वे दुनिया को रास्ता दिखाते हैं, लोगों को सपने दिखाते हैं, जीने का सही मार्ग दिखाते हैं और; दुख और कठिनाइयों को पीछे छोड़ आगे बढ़ने का साहस जगाते हैं। इसलिए एक मजबूर जीवन जीने के बजाय मजबूत इच्छाशक्ति वाला जीवन जी कर मिसाल बनना ही सर्वश्रेष्ठ विकल्प है। जो लोग ऐसा कर दिखाते हैं, वे शक्तिशाली लीडर बन जाते हैं।

स्वस्थ रहने के लिए जो सही है, वही खाने की आदत बनानी चाहिए। उसी प्रकार सुखी रहने के लिए वही काम करना चाहिए, जिससे आपको संतुष्टि मिले। सिर्फ दुनिया को दिखाने के लिए काम मत करो, आत्म संतुष्टि के लिए काम करो। हमेशा सुखी रहोगे। ऐसी आदत विकसित करना शुरुआत में मुश्किल होता है, लेकिन बाद में सुखी जीवन का पर्याय बन जाता है और दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत बन जाता है। आदतें बनाना मुश्किल होता है, लेकिन यदि एक बार आपने सर्वश्रेष्ठ आदतें विकसित कर दी, तो आपका भविष्य सर्वश्रेष्ठ होने से कोई नहीं रोक सकता। जब लक्ष्य सर्वश्रेष्ठ हो तो सर्वश्रेष्ठ बाधाएं, सर्वश्रेष्ठ कठिनाइयाँ और सर्वश्रेष्ठ संघर्ष का स्वाद भी चखना पड़ता है। यदि एक बार आपने सर्वश्रेष्ठ रास्ते पर कदम रख दिया, तो निश्चित ही एक दिन सर्वश्रेष्ठ लक्ष्य रूपी परिणाम प्राप्त होगा। इसलिए लोगों की तरफ मत देखो, अपने सर्वश्रेष्ठ ध्येय पर ध्यान केंद्रित करो, एक नए अध्याय का प्रारंभ होगा।
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