कैमूर किसान यूनियन के द्वारा किसानों ने अपनी मांगों को लेकर जिला समाहरणालय पर डीडीसी को ज्ञापन सौंपकर शांतिप्रिय धरना प्रदर्शन किया, जहां किसानों ने बताया कि धान अधिप्राप्ति में अनियमितता उर्वरक की कमी इत्यादि किसान विरोधी गतिविधियों के विरोध में डीडीसी को ज्ञापन सौंपा गया है.
इसके बाद जिला समाहरणालय परिसर के सामने शांति मार्च प्रदर्शन कर धरना दिया गया, किसानों का मांग है कि,किसानों के धान खरीदारी में हो रही हर साल की देरी के कारणों को हमेशा के लिए समाप्त किया जाए तथा धान खरीदारी की जो सरकार द्वारा तिथि निर्गत की जाती है उस दिन से व्यावहारिक रूप से धान की खरीदारी शुरू हो.
धान अधिप्राप्ति का पैक्स में ऑनलाइन नंबर लगे तथा किसानों को धान लाने के लिए एक तिथि दी जाए जो पारदर्शी तरीके से चले,धान खरीदी की जो भी मानक हो वह न्यूज़ पेपर के माध्यम से गजट किया जाए तथा नमी और खाद का भी मानक होना चाहिए न कि चावल 67% निकालने की बाध्यता होनी चाहिए,इसके साथ ही किसी भी पैक्स द्वारा किसान का धान न लेने की स्थिति में जिले में एक किसान शिकायत शेल हो जिसपर शिकायत नोट कराने के 48 घंटे के अंदर उक्त किसान का धान लिया जाना चाहिए.
तथा पैक्स पर तुरंत कार्रवाई की प्रक्रिया होनी चाहिए,किसानों को पैक्स के माध्यम से उर्वरकों की उपलब्धता कराई जाए किसानों को पैक्स द्वारा क्रेडिट कार्ड बीज आदि की समुचित व्यवस्था कराई जाए,बिस्कोमान या जो भी उर्वरक वितरण केंद्र है उस पर नियमित उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए तथा रेट की निगरानी समितियां हो,किसान सलाहकार किसान कोऑर्डिनेटर्स और राजस्व कर्मचारी पंचायत में बैठे और पंचायत के किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं से लाभान्वित कराते रहें.
प्रखंड के पदाधिकारी प्रत्येक महीने में पंचायत भवन पर बैठकर जिसमें मुखिया पैक्स अध्यक्ष सरपंच तथा इनकी कार्यकारिणी के साथ साथ ग्रामीण और किसान उपस्थित रहें ताकि किसी भी समस्या का त्वरित निराकरण हो सके,डीजल की महंगाई की बात जिला प्रशासन ऊपर तक पहुंचाएं,संपूर्ण जिले के प्रत्येक मुख्य सिवान में रोड रेलवे ट्रैक या अन्य कारणों से जलभराव की विकट समस्या उत्पन्न हो रही है जिसके कारण फसलें नष्ट हो जा रही हैं जिसको सामंजस्य बिठाकर खत्म किया जाए.
वह किसान ने बताया कि 1 सप्ताह के अंदर सरकार इस पर विचार विमर्श नहीं करती है तो किसानों द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल धरना प्रदर्शन जारी रहेगा,आगे और बड़ा आंदोलन किया जाएगा.
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