बिहार, जिसने कभी देश को बड़े-बड़े नेता दिए, आज विकास की दौड़ में लगातार पिछड़ता क्यों जा रहा है? इस विशेष बातचीत में वरिष्ठ पत्रकार अवधेश जी ने बिहार की राजनीति और समाज की गहराई से पड़ताल की है। उन्होंने बताया कि कैसे सत्ता संघर्ष, जातीय समीकरण और नेतृत्व की कमी ने बिहार के विकास की रफ्तार को रोक दिया। बातचीत में लालू यादव और नीतीश कुमार के शासनकाल का ईमानदार विश्लेषण किया गया है, साथ ही यह भी चर्चा हुई कि क्या तेजस्वी यादव बिहार की राजनीति में नया नेतृत्व बनकर उभर सकते हैं। इस चर्चा में लालू यादव के जंगलराज पर भी विस्तार से बात हुई — जब भ्रष्टाचार, अपराध और जातीय वर्चस्व ने बिहार की छवि को गहरी चोट पहुंचाई। अवधेश जी ने बताया कि उसी दौर की गलतियों का असर आज भी बिहार की राजनीति और शासन व्यवस्था में दिखता है। जानिए, आखिर क्या कारण हैं कि बिहार अब भी अपने सुनहरे दौर से दूर है?