कुल्लू बड़े महत्व का राज्य (KULLU GEOGRAPHY)

Опубликовано: 29 Сентябрь 2024
на канале: BADKA JI NEWS
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जिला कुल्लू में कई सुप्रसिद्ध दरें एवं जोते स्थित हैं।
मानतलाई जोत स्थिति तथा मणिकरण को जोड़ती है। ऊंचाई 16000 फीट है। रास्ता कठिन है। मुहम्मद तुगलक की एक लाख सेना ने इसी रास्ते से तिब्बत तथा लद्दाख (ज़िस कुल्लू के लोग छोटा चीन कहते थे) पर आक्रमण किया था।
इस रास्ते से अधिक आवागमन नहीं होता।
हामटा जात स्पिति तथा कुल्लू के बीच स्थित है। यह मनाली से 23 किलोमीटर दूर है। स्थिति के ठाकुर इसी जोत से कुल्लू आते जाते रहे हैं। पुराने समय की स्थिति के लिये यह #kullu #geography #general knowledge
सबसे महत्वपूर्ण रास्ता रहा है। मनाली जोत की ऊंचाई 4880 मीटर है। यह मनाली से 8 किलोमीटर दूर है। यह बड़ा भंगाल और मनाली को जोड़ता है। यह कागड़ा के व्यापार का पुराना मार्ग है जो जून से अक्टूबर तक खुला रहता है। रानी सुईमार्ग भी इसे कहते हैं। किसी रानी ने यहां से गुजरते ये बच्चे को जन्म दिया जिसने कुल्लू तथा कांगड़ा दोनों पर राज्य किया था।
चन्द्रखनी जोत 3600 मीटर ऊंची है। यह गर से 6 किलोमीटर दूर है। जो मलाणा तथा नग्गर घाटी को मिलाता है। सरी 15108 फीट ऊंची है। । यहां से मणडी क्षेत्र भी पास है।
राजा मान सिंह इसी रास्ते भंगाल की रक्षा के लिये गया था।
भूभ जोत 2,895 मीटर की ऊंचाई । यह पुराना रास्ता है। काला नमक गुम्मा से इसी जोत से लाते हैं।
दुलची जोत भी एक प्रसिद्ध जोत है। मूरक्राफट इसी रास्ते 1820 ईस्वी में जय था। यहाँ एक जोत है जो सारा साल खुली रहती है और इस पर बर्फ बहुत कम पड़ती है। इसे कण्डी जोत भी कहते इसकी ऊंचाई 6750 फीट (2788 मीटर) है। पुराना व्यापारिक रास्ता है। मण्डी तथा कांगड़ा राजाओं ने मिल कर इसी ते से आक्रमण किया था। यह बजौरा (कुल्लू) तथा मण्डी को मिलाता है। अनीकि हिमाचल प्रदेश बजौरा से मण्डी इसी रास्ते 58 किलोमीटर है। सड़क का निर्माण 1881 ईस्वी में डब्ल्यू. परकिंस ने किया था।
रोहतांग जोत एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। ऐसा अनुमान है कि इसका पुराना नाम भृगुतुंग था। इसकी ऊंचाई 3978 मोटर है तथा यह लाहुल तथा कुल्लू घाटी को जोड़ता है। व्यास नदी का उद्गम स्थान यही है। जलोड़ी जोत 3135 मीटर या 10000 फीट ऊंची है। आनी तथा बन्जार घाटियों के स्थित है।
। जोत पर दृश्य अति सुन्दर है। बशलेऊ त 3150 मीटर ऊंची है। यह जोत निरमण्ड तथा गौशैणी घाटी के बीच है।
फांगची जोत सैंज घाटी तथा गड़सा घाटी को जोड़ती है। रास्ता दोनों घाटियों के बीच भलाण से भी जाता है।
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