किताबे क्यों होती हैं चौकोर, क्या है इसके पीछे का कारण ?

Опубликовано: 02 Июль 2026
на канале: ACC NEWS TODAY
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प्राचीन काल से लेकर अब तक इंसान के पढ़ने लिखने के तौर-तरीकों में काफी बदलाव आए हैं। आज डिजिटल मीडिया की दुनिया में यह और भी आसान हो गया है जब आप चलते फिरते कहीं भी एक छोटी-सी स्क्रीन पर मोटी-मोटी ढेरों किताबों को आसानी से अपने साथ रख सकते हैं। अपने आसपास कई चीजों को हम गोल या अन्य आकार में देखते हैं, लेकिन किताबों के मामले में हमेशा चौकोर शेप ही क्यों देखने को मिलती है? आइए जानें इसके पीछे की वजहों के बारे में।

चौकोर आकार किताबों को पढ़ना आसान बना देता है। जब हम बुक्स पढ़ते हैं, तो आमतौर पर इसे एक हाथ से पकड़ते हैं और दूसरे हाथ से पन्नों को पलटते हैं। किताबों की चौकोर शेप इस काम को आसान बना देती है और इसके लिए पर्याप्त जगह भी मिलती है। चौकोर किताबों को आसानी से खोला और बंद भी किया जा सकता है।

चौकोर किताबें स्टोर करने के लिहाज से भी सुविधाजनक होती हैं। इन्हें आसानी से एक दूसरे के ऊपर रखा जा सकता है, जिससे कम जगह में ज्यादा किताबें रखना मुमकिन हो जाता है। इसके अलावा, इसकी चौकोर शेप अलमारियों या शेल्फ में रखी किताबों को ढूंढना और निकालना आसान बना देती है।

आमतौर पर कागज का उत्पादन चौकोर शीट्स में किया जाता है, जिससे किताबों को काटने और मोड़ने में कचरा कम होता है। इसके अलावा, चौकोर किताबों का बड़े पैमाने पर उत्पादन करना आसान है, जो इन्हें ज्यादा किफायती बनाता है।
क्या है ऐतिहासिक वजह ?



चौकोर किताबों का इस्तेमाल करने का एक और कारण ऐतिहासिक भी है। दरअसल, प्राचीन समय में, जब किताबें हाथ से लिखी जाती थीं, तो आयताकार आकार सबसे व्यावहारिक था। आयताकार कागज की शीट्स पर लिखना ज्यादा आसान था और उन्हें एक साथ जोड़ना भी मुश्किल नहीं था।