ताड़ का पेड़ कैसे रोक सकता है मौत ? क्या ताड़ के पेड़ का रहस्य ?

Опубликовано: 18 Июль 2026
на канале: ACC NEWS TODAY
19
like

बारिश के दिनों में बिजली कड़कना आम है, पर आपने कभी अंदाजा लगाया है कि क्या 2 घंटे में 61 हजार बिजली गिर सकती है। मगर, ये हकीकत है। अकेले ओडिशा में ही पिछले साल महज 2 घंटे के भीतर 61 हजार से ज्यादा आसमानी बिजली गिरी है। इसमें 12 लोगों की मौत हो गई। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि देशभर में 1 साल के दौरान 1.8 करोड़ बिजली आसमान से गिरती है। ये आंकड़े गैर सरकारी संगठन क्लाइमेट रेजिलियंट ऑब्जर्विंग सिस्टम्स प्रमोशन काउंसिल की एक स्टडी की है, जिसने अप्रैल, 2020 से मार्च, 2021 के बीच ये आंकड़े जुटाए हैं। बिजली गिरने की ये घटनाएं बीते साल के मुकाबले 34 फीसदी ज्यादा हुई हैं। ओडिशा-बिहार या पश्चिम बंगाल जैसे क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाएं इतनी ज्यादा क्यों होती हैं। इसे रोकने के लिए ओडिशा सरकार 19 लाख ताड़ के पेड़ क्यों लगवा रही है।

क्या होती है आकाशीय बिजली, क्यों बनती है
दिल्ली यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सना रहमान के अनुसार, हमारी धरती के वायुमंडल में जब विद्युत आवेश डिस्चार्ज होता है तो उससे पैदा हुई गड़गड़ाहट यानी थंडरिंग को गाज या आसमानी बिजली कहते हैं। दुनिया में हर साल 140 करोड़ आसमानी बिजली पैदा होती है। दरअसल, आकाश में बादल छाने के दौरान उसमें मौजूद पानी की छोटी-छोटी बूंदों में मौजूद कण हवा की रगड़ से चार्ज हो जाते हैं। कुछ बादलों पर पॉजिटिव तो कुछ पर निगेटिव चार्ज आ जाता है। जब ये दोनों तरह के चार्ज वाले बादल मिलते हैं तो उनके मिलने से लाखों वोल्ट की बिजली पैदा होती है। एक बिजली में 10 हजार वोल्ट जितना करंट पैदा होता है।

दुनिया में हर साल 140 करोड़ गिरती है बिजली
ब्रिटेन की वेबसाइट मेट ऑफिस के अनुसार, दुनिया में हर साल 140 करोड़ बिजली आसमान से गिरती है। यानी 1 दिन में औसतन 30 लाख बिजली धरती पर गिरती है। बिजली गिरने की रफ्तार इतनी तेज होती है कि यह चंद्रमा पर 55 मिनट में पहुंच सकती है। यानी दिल्ली से देहरादून तक जाने में इसे महज 1.5 सेकेंड ही लगेंगे। वहीं, भारत में हर साल करीब 1.5 करोड़ आसमानी बिजली गिरती हैं।