1999 में हुए कारगिल युद्ध में वीरों ने अपने शौर्य और सामर्थ्य से पाकिस्तान के इरादों पर पानी फेर दिया लेकिन यह युद्ध हिंदुस्तान की परीक्षा तिथि हमारी सहनशीलता सीमित संसाधन और वीरू के शौर्य के साथ स्वाभिमान की परीक्षा 3 मई से शुरू हुए इस युद्ध में कई परिस्थितियां ऐसी आई जहां हमारे वीरों ने जान गवां दी लेकिन देश के आन बान शान पर आंच नहीं आने दी
आज कारगिल युद्ध की कहानी आप उनकी जुबानी सुन रहे है जो अपनी बटालियन का नेतृत्व करते हुए तोलोलिंग के लिए चढ़ाई करते है लेकिन पैर माइंस पर पड़ता है और ब्लास्ट हो जाता है चारो तरफ खून फिर भी इरादे बुलंद
पैर ब्लास्ट हो जाने के बाद भी दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देते रहे और आखिरकार राजपुताना रायफल ने तोलोलिंग पर अपना कब्जा जमा लिया
लांसनायक राजेंद्र तंवर जी ने अदभुत वीरता का परिचय दिया ऐसे वीरों को मैं नमन करता हूं
आप भी कारगिल की कहानी युद्ध लड़े राजपूताना राइफल्स के लांसनायक राजेंद्र सिंह तंवर जी की जुबानी