मेरी कल्पना में एक घटना हुई है। अदालतें चोरी हो गई हैं और जिसने चोरी की है उसका नाम बुलडोज़र है। उसकी सीनाज़ोरी के क्या कहने। उसने खुद को न्यायमूर्ति घोषित कर दिया है। मेरी इस कल्पना को कोई भी प्रकाशक छापने के लिए तैयार नहीं है। उनका यही कहना है कि जब बुलडोज़र ही न्यायमूर्ति हो जाए तब फिर ऐसी रचना को छापना ख़तरे से खाली नहीं होगा। इसलिए आपके सामने एपिसोड के रूप में प्रकाशित कर रहे हैं। पूरा देखिएगा।
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/ @ravishkumar.official