न्यूज़ चैनलों पर रनिंग कमेंट्री जारी है। चुनाव और राजनीति की बातें ठहर कर होनी चाहिए लेकिन एंकर अपना गला लेकर दौड़े जा रहेे हैं। सूचनाएं इतनी तेज़ी से आती हैं कि बोलना भी तेज़ हो जाता है। हमने भी सोचा ख़ाली बैठे-बैठे क्या करें तो यह दूसरा वीडियो बना डाला। पता नहीं आपके पास वक्त होगा या नहीं लेकिन मन की बात वाले इस देश में हमारी भी बात सुनिएगा।