सारा जग महकाया तथागत बुद्ध ने
Sing and act by: Shilpee Shakya,
Lyrics & Direction By: A.K.Maurya 'Shashank' , 9821641426
Recording Studio: Vyom
दया प्रेम करुना की छाया
सारा जग महकाया, तथागत बुद्ध ने
हम सबको सदमार्ग दिखाया,
ज्ञान सुधा बरसाया तथागत बुद्ध ने
०१
सबको बताया तुमने, दुःख दर्द क्या हैं संसार के
जीवन की फुलवारी में, पुष्प खिलाये सद्विचार के
कर्मों से सबकुछ दर्शाया
सबको प्यार सिखाया तथागत बुद्ध ने
दया प्रेम करुना की छाया
सारा जग महकाया, तथागत बुद्ध ने
०२
सब रूप हैं कुदरत के, हर जीवधारी इसके अंग हैं
जन्म मरण खुशियाँ गम, ये भी प्रकृति के सारे रंग है
नई दिशा सबको दिखलाया
हमको धन्य बनाया तथागत बुद्ध ने
दया प्रेम करुना की छाया
सारा जग महकाया, तथागत बुद्ध ने
०३
नश्वर जगत ये सारा, इस सत्य को न तुम भुलाइये
आपस में भाईचारा , सदभाव बंधुत्व बढाइये
जीने का उद्देश्य बताया,
मन के द्वेष मिटाया तथागत बुद्ध में
दया प्रेम करुना की छाया
सारा जग महकाया, तथागत बुद्ध ने
गीत: शशांक मौर्य