तुम ठाकुर जी को लो पीछे के मार्ग से निकाल जो कुछ भोग सामग्री आभूषण और ठाकुर जी को लेकर चले गए।. पत्नी ने ऐसा किया।. सांप एक बर्तन भी नहीं रहने दिया और उनको हथकड़ी डालकरके जय में पहुंच दी सब ल लिया सब नष्ट भ्रष्ट कर दिया. अब आप देखते जो. जब वहां पहुंचे तो जो विरोधी जान थे तो उन्होंने कहा कि ठाकुर के बहुत से आभूषण, बड़ी महंग मूर्ति इनकी ठाकुर क्यों? इनकी पत्नी उसको तो आपने बंद ही नहीं बनाया.