नासिरा शर्मा के साहित्य में दरख़्तों का विशेष स्थान देखने को मिलता है जो उन के प्रकृति से गहरे लगाव को दर्शाता है। उनकी कहानी ‘आँवले का बाग़’ इस बात का प्रमाण है। बड़ों के लिए लिखे गए उन के उपन्यास,पारिजात ‘और ‘शाल्मली ‘ के अलावा उनकी कई महत्वपूर्ण कहानियों के नाम भी पेड़ों पर है जैसे ‘ज़ैतून के साए’इत्यादी।
वीडियो पसंद आने पर सब्सक्राइब और कमेंट करना न भूलें ।