नासिरा शर्मा हिन्दी की प्रख्यात कथाकार हैं, उन्होंने हिन्दी साहित्य को कई महत्त्वपूर्ण रचनाएँ दी हैं और हाल ही में उन्हें 'पारिजात' उपन्यास के लिए 2016 का साहित्य अकादमी पुरस्कार नवाज़ा गया है तो 2019 का व्यास सम्मान उन्हें काग़ज़ की नाव के लिए प्रदान किया गया है।
पूर्वकथन पत्रिका द्वारा हाल ही में उन्हें पूर्वकथन सम्मान-2020 देने की घोषणा हुई है। इस पर डॉ.विमलेश शर्मा की नासिरा शर्मा जी के कृतित्व पर समीक्षात्मक टिप्पणी, जिसका शीर्षक है- 'इंसानी बस्तियों में ख़ुदाई की तलाश'।
डॉ.विमलेश शर्मा हिन्दी साहित्य की प्राध्यापिका हैं और साहित्य के आलोचनात्मक पक्ष को लेकर सजग हैं।